भारत में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि चीन के एवियन इन्फ्लूएंजा और बच्चों में 'निमोनिया जैसी' श्वसन बीमारी दोनों से देश में खतरा कम है। मंत्रालय चीन में सामने आए नए प्रकोप, खासकर बच्चों में सांस की बीमारी के मामलों पर सक्रिय रूप से नजर रख रहा है। मंत्रालय द्वारा शुक्रवार को जारी एक बयान के अनुसार, एवियन इन्फ्लूएंजा और श्वसन संबंधी बीमारी के समूहों दोनों से भारत को कम जोखिम है। बयान यह भी आश्वस्त करता है कि भारत मौजूदा स्थिति से उत्पन्न होने वाली किसी भी संभावित आपात स्थिति के लिए तैयार है।
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| Photo: Hindustan Times |
मंत्रालय ने उत्तरी चीन में बच्चों में सांस की बीमारी के क्लस्टर प्रकोप की मीडिया रिपोर्टों को स्वीकार किया और कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने इस मामले पर एक बयान जारी किया है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस बात पर जोर दिया कि भारत किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। बयान में कहा गया है कि, वर्तमान में उपलब्ध जानकारी के आधार पर, हाल के हफ्तों में चीन में श्वसन रोगों की घटनाओं में वृद्धि दर्ज की गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, बच्चों में सांस की बीमारी के सामान्य कारणों को शामिल किया गया है, और किसी असामान्य रोगज़नक़ या किसी अप्रत्याशित नैदानिक अभिव्यक्ति की कोई पहचान नहीं की गई है।
संक्षेप में, भारत में स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि चीन में बच्चों में एवियन इन्फ्लूएंजा और श्वसन संबंधी बीमारी के संचरण का जोखिम कम है, और देश इस स्थिति से उत्पन्न होने वाली किसी भी संभावित चुनौती का जवाब देने के लिए तैयार है।

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